116 साल की उम्र में कैंसर को मात देकर बनाया रिकॉर्ड, चावल के साथ इस चीज के सेवन को बताया लंबी उम्र का राज

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नई दिल्ली। कैंसर एक ऐसा रोग है जिसे मात देना हर किसी के बस की बात नहीं। अगर कोई इससे गुजकर संभल भी जाए तो उस व्यक्ति का स्वास्थ्य पहले की अपेक्षा बहुत कमजोर हो जाता है और जो कि स्वाभाविक भी है।

हालांकि आज हम जिस महिला की बात करने जा रहे हैं उन्हें अगर सुपर वुमन कहा जाए तो गलत नहीं होगा। कैंसर को हराकर 116 साल की केन तनाका दुनिया की सबसे उम्रदराज महिला बन गई हैं। ऐसे में गिनीज बुक आफ वर्ल्ड रिकाॅर्ड्स ने शनिवार को उन्हें यह खिताब देकर सम्मानित किया।

इस मौके पर केन तनाका के परिजन और शहर के मेयर भी फुकुओका के एक नर्सिंग होम में मौजूद थे। 116 वर्षीय केन तनाका नर्सिंग होम में रहती हैं।

 

Kane takana

आपको बता दें कि इससे पहले इस रिकॉर्ड पर जापान की ही चियो मियाको का नाम था। उनकी मौत 117 साल की उम्र में हुई थी। जापान की केन तनाका के जज्बे और जिंदगी को खुलकर जीने की चाहत वाकई में देखने लायक है। यह बात वाकई में जानने लायक है कि जापान के लोगों की इस लंबी उम्र का राज क्या है? क्योंकि यहां के लोग 100 साल से भी अधिक जीते हैं और वह भी स्वस्थ।

 

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कुछ महीने पहले जब केन तनाका का इंटरव्यू लिया गया था तो उन्होंने कई सारी अहम बातों का खुलासा किया। उनका कहना था कि खाने में वह चावल, छोटी मछली और सूप लेती हैं और काफी मात्रा में पानी भी पीती हैं।उन्हें मिठाइयों का काफी शौक है और काॅफी पीना भी अच्छा लगता है, लेकिन हर एक चीज का सेवन वह संतुलित मात्रा में करती हैं।

Kane takana

प्रतिदिन सुबह 6 बजे उनकी आंखें खुल जाती हैं। सुबह उठने के बाद फ्रेश होकर वह इस उम्र में भी गणित का अध्ययन करती हैं। उन्हें बोर्ड गेम ओथेलो खेलना भी पसंद हैं।

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