करतारपुर कॉरिडोर को लेकर सामने आया इमरान खान का झूठ, श्रद्धालुओं पर लगाई कई पाबंदियां

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नई दिल्ली। करतारपुर गलियारे को लेकर पाकिस्तान द्वारा दिखाई जा रही दरियदिली की पोल खुल गई है। इस मामले को लेकर बीते गुरुवार को अटारी वाघा सीमा पर भारतीय और पाकिस्तानी प्रतिमंडल की बैठक बेनतीजा निकली है। जिस तरह से पाक आतंकवाद पर झूठे वादे करता आया है, उसी तरह से वह इस मामले में भी अपना रंग दिखा रहा है। उसने इस गलियारे में सिख श्रद्धालुओं के लिए तरह-तरह के प्रतिबंध लगा दिए हैं,जो प्रस्ताव के खिलाफ बताए जा रहे हैं। कई प्रस्तावों पर पाकिस्तान ने काफी संकुचित रूप अपनाए रखा है। इसके चलते अहम निर्णय लिए जाने को लेकर कोई प्रगति नहीं हो सकी। अब अगली बैठक दो अप्रैल को होगी। इस पर इमरान खान ने मीडिया में कहा कि यह बाते बैठक से पहले हो जानी चाहिए थी, हम निराश हैं कि परमिट प्रणाली पर अब बात की जा रही है।

क्या चाहता है भारत

- गुरुद्वारा करतार सिंह साहिब के पास एक बहुत बड़ा परिसर है। भारतीय अधिकारियों ने पाया कि इन जमीनों पर काफी अतिक्रमण है। यहां तक कि पाकिस्तान सरकार ने भी गुरुद्वारा जमीन पर निर्माण करा रखा है। भारतीय अधिकारियों ने इस जमीन पर अवैध रूप से हुए इस अतिक्रमण को खाली करने की मांग की है। इसकों लेकर पाकिस्तान की सरकार से भारत ने सख्त ऐतराज जताया है।

- भारतीय पक्ष चाहता है कि करतारपुर कॉरिडोर से प्रतिदिन पांच हजार तीर्थ यात्रियों को गुरुद्वारा दरबार सिंह साहिब तक जाने की अनुमति दी जाए। विशेष अवसर पर यह संख्या 15 तक की हो।

- करतारपुर साहिब कॉरिडोर से गुरुद्वारा दरबार सिंह साहिब तक जाने वाले नागरिकों में भारत के श्रद्धालुओं के अलावा कनाडा, ब्रिटेन समेत अन्य देशों में रह रहे भारतीय मूल के श्रद्धालुओं को भी जाने की अनुमति दी जाए।

- श्रद्धालुओं से किसी तरह की कोई वीजा फीस न ली जाए। यदि कोई तीर्थयात्री अकेले गुरुद्वारा दरबारसिंह साहिब जाना चाहे तो उसे जाने की अनुमति दी जाए।

क्यों इतना खास है करतारपुर साहिब

करतारपुर कॉरीडोर सिखों के लिए सबसे पवित्र जगहों में से एक है। करतारपुर साहिब सिखों के प्रथम गुरु, गुरुनानक देव जी का निवास स्‍थान था। गुरू नानक ने अपनी जिंदगी के आखिरी 17 साल 5 महीने 9 दिन यहीं गुजारे थे। उनका सारा परिवार यहीं आकर बस गया था। उनके माता-पिता और उनका देहांत भी यहीं पर हुआ था। इस लिहाज से यह पवित्र स्थल सिखों के मन से जुड़ा धार्मिक स्थान है।

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