अमरीका की राह पर पीयूष गोयल, नोट छापकर पूरा किया जाएगा बजटीय घाटा

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नई दिल्ली। देश के वित्त मंत्री पीयूष गोयल अब अमरीका की तरह बजटीय घाटे को पूरा करने का प्लान बना रहे हैं। वो इस घाटे को पूरा करने के नोट छापने के पक्ष में हैं। आपको बता दें कि उन्होंने इस महीने सरकार का अंतरिम बजट पेश किया है। जिसमें किसानों के हितों को ध्यान में रखते बड़ी-बड़ी घोषणाएं की थी। वहीं मिडिल क्लास को राहत देते हुए बड़ी छूट दी है। किसानों आैर मध्यम वर्ग को दी गर्इ इस राहत के बाद बजटीय घाटा बढ़ना तय माना जा रहा है। इसलिए बजट में चालू वित्त वर्ष के लिए वित्तीय घाटे के अनुमान को बढ़ाकर सकल घरेलू उत्पाद का 3.4 फीसदी किया गया है।

अटल सरकार ने दी थी सीख
वित्त मंत्री पीयूष गोयल सिक्योरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के स्थापना दिवस में कहा कि देश को रुपयों की जरुरत हमेशा रहती है। उन्होंने अटल सरकार को याद करते हुए कहा कि वित्तीय जवाबदेही और बजट प्रबंधन कानून (एफआरबीएम), 2003 को अटल बिहारी बाजपेयी की राजग सरकार ने लागू किया था। इस कानून में एक संतुलित बजट के जरिए वित्तीय अनुशासन बनाने, वित्तीय घाटा कम करने और आर्थिक प्रबंधन तथा सरकारी धन के समग्र प्रबंधन में सुधार करने का प्रावधान किया गया है।

अमरीका का दिया उदाहरण
पीयूष गोयल ने कार्यक्रम में कहा कि अमरीका सिर्फ नोट छाप कर ही वित्तीय घाटे की भरपाई करता है। उन्होंने कहा कि एक वित्त मंत्री के रूप में उन्हें बड़ी खुशी होती, यदि उन्हें उत्पादन और लाभ दोनों ही मोर्चो पर एसपीएमसीआर्इएल के हाल के प्रदर्शन के बारे में पहले जानकारी मिल गई होती। केंद्र और राज्य सरकारों को नोट, सिक्के और सिक्योरिटी डॉक्यूमेंट उपलब्ध कराने वाली एसपीएमसीआर्इएल ने पिछले साल 630 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ दर्ज किया था। इसमें से 200 करोड़ रुपए उसने सरकार को लाभांश भी दिया।

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